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Sunday, 13 October 2013

Collective wisdom and shared responsibility of family members is an essential part for development of a vibrant civil society.

Saturday, 28 September 2013

The nation's youth should learn the lesson of statecraft by developing high ethical standards and high level of personal integrity.
सच बोलने में व सच्चाई का साथ देने में यदि जो व्यक्ति डरता है तो उसे अपने आप को कर्मठ, निडर इंसानों की श्रेणी में रखना गलत है !
भारतीय संस्कृति को समझकर अपनाना एक महत्वपूर्ण विषय है ! जय हिन्द
जघन्य व क्रूर अपराध के दोषियों को कड़े से कड़ा दण्ड देने में न्याय अधिकारियों कोई हमदर्दी नहीं दिखानी चाहिए ! निर्दोष मासूम जनता के विश्वास को जीतना ही न्याय की सही परिभाषा है !!
जय हिन्द
हर गलत कार्य को सही करने कोई और नहीं आयेगा ! हम सभी को मिलकर ही अपने देश व समाज को बचाना होगा ! अपने मानव धर्म का पूर्ण निर्वहन देश हित में करना होगा ! निडर होकर अपने मानव मूल्य को समझो !! जय हिन्द
संघर्षमयी जीवन में महान लोग अपनी खुशियों को भूल जाते हैं ! निस्वार्थी लोग दूसरों की खुशी को अपनी मुस्कान समझते हैं किन्तु स्वार्थी व्यक्ति दिखावा करके मासूम लोगों से अपना मतलब निकालते हैं !
तलाक के वाद आये दिन बढ़ते ही जा रहे हैं जो कि हमारे देश के नागरिकों की दूषित सोच का प्रतीक है ! दो व्यक्तियों के अलग होने पर सम्पूर्ण परिवार के विघटन के साथ समस्त खुशियाँ भी नष्ट हो जाती हैं ! समझो

Monday, 19 August 2013

कर्मठ युवा अधिवक्ता दूषित मानसिकता वाले अनैतिक कार्यों को आये दिन अंजाम देने वाले बुजुर्ग अधिवक्ताओं जैसी भ्रष्ट छवि बनायें ! क्योंकि आज न्याय कानून की स्थिति बहुत ही गम्भीर बन बन चुकी है!
न्यायालयों की छवि आम जनता की नजरों में दिनों दिन धूमिल होती जा रही है ! न्यायप्रिय योग्य न्याय अधिकारियों योग्य ईमानदार लगनशील अधिवक्ताओं की कमी मन को बहुत कुंठित कर देती है !! 
जय हिन्द

Sunday, 18 August 2013

कर्मठ, योग्य युवाओं को देश हित के सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना अतिआवश्यक है ! क्योंकि यदि स्थिति इसी प्रकार बनी रही तो हमारे देश को फिर से एक बार गुलाम होना पड़ेगा !!
जय हिन्द
क्या ये ड्यूटी है ?? 
न्यायालयों में कुछ पुलिसकर्मी मात्र कैदियों के लिये हथकड़ी, रस्सी आदि समान रोजाना सुबह लाते हैं ! शाम को वापस अपने साथ ले जाते हैं ! बाकी पूरे समय वो विश्राम करते हैं !!

Thursday, 15 August 2013

Mr. Prime Minister,your Independence Day Speech lacks vision in developing those ideas,which can lead us on the path of achieving the goal of inclusive society.Your speech clearly lacks inspiration and doesn’t reflect aspirations of the youth.Your speech lacks a message of commitment to remove the barriers of casteism,your speech lacks roadmap for building a nation in which greed and selfish motives can’t able to find any place in the way of moving this nation forward on the path to prosperity with integrity.Your speech doesn’t encourage the youth of this nation to become a part of decision making by entering   politics and move forward with the leaders of this country.

Wednesday, 14 August 2013

The nation’s youth should adopt the principles of shared framework and common objective to go forward on the way of achieving strategic goal of inclusive politics,which is a complimentary route to participatory democracy.

Tuesday, 13 August 2013

The nation’s youth should not compromise their principles only for the sake of self interest because it becomes a cause of developing self destructive behaviour which pull down our efforts towards achieving the goal of an inclusive society.

Monday, 12 August 2013

Today is International Youth Day.Although,every day is important and precious for a youth to dedicate himself/herself for the service of the nation,but celebrating a particular day for a noble and specific cause can build a strong,reliable and trustworthy young workforce to construct a brighter future for India.I urge upon the nation’s youth to not opt for a path of violence and go forward on the path of achieving their goals by adopting sensible,courageous and intelligent approach.

Friday, 26 July 2013

है मेरा काम गरीबों की हिमायत करना !
दर्दमन्दों से जरीफों से मोहब्बत करना !
मेरे अल्लाह बुराई से बचाना मुझको ! 
नेक जो राह हो उस रह पे चलाना मुझको !!
जय हिन्द
सारे तीर्थ धाम आपके चरणों में !
हे गुरु देव प्रणाम आपके चरणों में !!
मेरे गुर जन , माता-पिता , साथियों ने मेरे उच्च बनने में मेरा हर छड़ साथ दिया ! उन सभी को मेरा शत् शत् नमन् !! जय हिन्द

Tuesday, 25 June 2013

क्या आज अधिकतर व्यक्ति अधिकारी इसलिये बनते हैं कि वो गरीब व मासूम जनता को अपने पद के डर से धमका कर उनकी बेबसी के साथ खेल सकें ? 
कितना बदल गया हमारा समाज जहाँ अपनत्व व मानवता एक दम नष्ट हो चुकी है !!
आज अधिकतर पढ़े लिखे अमीर लोग कम पढ़े लिखे गरीब लोगों का शोषण कर रहे हैं जो कि बदलाव का प्रतीक है ! पहले योग्य व पढ़े लिखे व्यक्ति गरीब और अनपढ़ लोगों की हर सम्भव मदद करते थे ! कहाँ गुम हो गयी वो मानवता
आज हर ओर तबाही, खून-खराबा, हा-हाकार मचा हुआ है ! सोच कर देखो ये सब किस कारण हो रहा है क्योंकि आज इंसानियत मर चुकी है ! व्यक्ति स्वार्थी बन चुका है जो केवल अपने लिये जीता है! जय हिन्द
कुछ अधिकारी इतनी दानव प्रवृति के हैं कि उनको मानवता की भाषा समझ में नहीं आती है ! ऍसे भ्रष्ट अधिकारी अपने पद का दुरपयोग कर रहे हैं जो कि निंदनीय व देश की दुर्गति का प्रतीक हैं !

Saturday, 1 June 2013

कुछ आँखें दिन रात रोती हैं, बिना गलती के सजा पाती हैं ! सोच कर देखते हैं उनकी पीढ़ा को तो लगता है मानवता कहाँ खो गई है इतना निर्दयी कैसे हो सकता है एक मानव ? निर्दोश आँखों को भी रुला रहा है !! 
जय हिन्द
आज हर व्यक्ति अपनी खुशी के लिये जी रहा है ! उस खुशी को पाने के लिये न जाने कितने अपनों को दुख दिया है ! वो कभी नहीं सोचता है ! परन्तु कुछ व्यक्ति सभी को खुश देख कर ही खुश रहते हैं !
धन्य ऍसा व्यक्तित्व
भ्रष्ट वरिष्ठ अधिकारियों के कारण उनके सहकर्मी भी मासूम जनता के साथ बरताव गलत कर रहे हैं!
सोच कर देखना घूशखोरो आपकी छवि क्या है समाज में ?
क्या कहते हैं व्यक्ति आपके बारे में ?
जल्द सुधार करो ...
कानून के नियमों में परिवर्तन होना परम आवश्यक है ! कर्मठ , सुयोग्य व्यक्ति इस विशेष कार्य में अपना योगदान अवश्य दें ! जिससे कि प्रत्येक नागरिक का सुलभ व स्वच्छ न्याय में विश्वास बढ़े !! 
जय हिन्द

Sunday, 26 May 2013

आज सरकारी कर्मचारी आम आदमी से अच्छे से बात भी नहीं भी नहीं करते हैं जो कि गलत आचरण का प्रतीक है ! 
ऍसे समस्त कर्मचारियों को चिन्हित करके फिर से याद दिलाना होगा कि एक दिन वो भी आम आदमी थे !! जय हिन्द
न्याय की परिभाषा इतनी परिवर्तित हो चुकी है कि आज न्याय के नाम पर एक आम आदमी का मात्र शोषण होता है ! 
क्या करे एक आम आदमी किसे अपनी पीढ़ा से अवगत कराये, कहाँ जाये ! 
क्या निर्दोश को न्याय दिलायेंगे ?

Saturday, 25 May 2013

" If your success is not on your own terms, if it looks good to the world but does not feel good in your heart it is not success at all "
*** jai hind ***

Thursday, 23 May 2013

" Victory goes to the player who makes the next to last mistake "
" The artist is nothing without the talent, but the talent is nothing without work "
आज मैंने हवालात में ऍसे बाल अपराधियों को देखा जो कि चोरी, नशा आदि के आरोपों में बन्द थे ! मुझे जानकर बहुत आश्चर्य हुआ कि देखो पढ़ने लिखने की उम्र में ये बच्चे अपराध कर रहे हैं जो एक दुख का विषय है !

Thursday, 9 May 2013


आज दहेज समाज का सबसे घृणित अपराध है जो एक बेटी को और उसके माता पिता को एक पल सुकून से सोने नहीं देता है ! कितने दर्द की अनुभूति करती होगी एक बेटी सोचकर देखना दहेज लेने वाले अपराधियो !!
अपनी राय दें ..

क्या सार्वजनिक निन्दनीय दर्दनाक घटना के भी सबूत और गवाह होने आवश्यक हैं ? 
आपकी एक राय ही देश का भविष्य निर्धारित करेगी !
इसलिये अपनी राय अवश्य प्रकट करें !! 

क्या सार्वजनिक निन्दनीय दर्दनाक घटना के भी सबूत और गवाह होने आवश्यक हैं ? 
आपकी एक राय ही देश का भविष्य निर्धारित करेगी !
इसलिये अपनी राय अवश्य प्रकट करें !! 

न्याय और कानून के प्रति अविश्वास एक घोर बीमारी के समान समाज में फैल चुका है ! जो कि कायर होने का परिचय है ! अपने अधिकार के लिये लड़ना सीखो ! न्याय और कानून में कुछ चंद निडर व्यक्ति आज भी आपके साथ हैं !

Sunday, 5 May 2013

Peace is not only an absolute necessity for us in India in in order to progress and develop but is also of paramount importance to the world.
While it is true there is no law compel us to say, ''Please' but here is social practice much older and much sacred which enjoying us to be civil. The first requirement of civility is that we should acknowledge a service. 'Please' and 'Thank-you' are the small change with which we pay our way as social-beings.
बहुत वेदना होती है जब हम युवा देखते हैं कि शारीरिक शोषण जैसी निन्दनीय और दर्दनाक घटना को अंजाम देने वाले हैवानों को भी जिंदा रख कर उनको न्याय का पाठ पढ़ाया जाता है ! 
अपनी राय अवश्य दें !! जय हिन्द
Freedom from pain, labour and difficulty does not make a real man. Such a man, whose life is a bed of roses possess neither courage nor persistency. One whose life, full of labour and hardship grow into a perfect man.
A man, who continued his efforts in spite of many failures could do more than that man, who had never been unsuccessful in his life.
हमारा कर्म है सेवा
हमारा धर्म है सेवा !
दीन दुखी के बनो सहारा 
कोई न रोए अब बेचारा !! 
*** जय हिन्द ***

Thursday, 25 April 2013

कब तक बिना गलती के इतनी बड़ी सजा सहती रहेंगी बेटियाँ ! 
अपने दर्द को अब किसको बतायें बेटियाँ ! 
हैवानों का शिकार हो रही हैं बेटियाँ ! 
फिर भी मर्यादा की लाच बचा रही हैं बेटियाँ !! 
आप सभी के विचार हमारे लिये प्रेरणा स्त्रोत हैं !
जिन पर हम हर पल अमल कर रहे हैं !
हम खुशी है कि हमारे संगठन से कर्मठ समाजसेवी जुड़ रहे हैं !
धन्यवाद !!
जय हिंद !!
होंसले नहीं उड़ान चाहिए !
नाम नहीं काम चाहिए !!

जाकर कह दो उन हैवानों से !
आज नहीं तो कल ये मैदान चाहिए !!
जय हिंद

Wednesday, 24 April 2013

हम चाहते हैं युवा समर्पण संगठन से वो ही ईमानदार, कर्मठ, सुयोग्य समाजसेवी जुड़ें जो देश व समाज हित में हमको अपनी क्रिया - प्रतिक्रिया दे सकें !
हम दिखावे में नहीं सच्ची सेवा में विश्वास रखते हैं !!
माननीय प्रधानमन्त्री जी कहते हैं कि हम गरीबी मिटा देंगे ! 
हम समझ गये आप सही कहते थे जब आप गरीबों को ही मिटा देंगे तो गरीबी तो अपने आप ही मिट जायेगी !
अब तो जागो युवा साथियो मिल कर अपने देश को बचाओ !!
न जाने कितने सांसद और विधायक ऍसे हैं जिन्होंने कभी संविधान को देखा ही नहीं, जिनको अपने अधिकारों तक पता नहीं है ! 
सोचो कैसे फिर स्वच्छ हो सकती सकती है !
हमारी कानून और न्याय व्यवस्था !! जय हिंद
बहुत वेदना होती है जब हम युवा देखते हैं कि शारीरिक शोषण जैसी निन्दनीय और दर्दनाक घटना को अंजाम देने वाले हैवानों को भी जिंदा रख कर उनको न्याय का पाठ पढ़ाया जाता है ! 
अपनी राय अवश्य दें !! जय हिन्द
आज हम इतने स्वार्थी हो गये हैं कि अपनी खुशी के लिये किसी भी तक गिर सकते हैं जिन्होंने हमको हर पल खुशी दी, सहारा दिया !
एक दिन हम उनको ही तन्हा और दुखी कर देते हैं ! 
सोचो कैसा लगता होगा उस रहनुमा को ??

Tuesday, 26 March 2013


आप सभी ईष्ट मित्रों को रंग और खुशियों के पावन पर्व पर युवा समर्पण संगठन परिवार की तरफ से ढेर सारी ''हार्दिक शुभकामनाऐं''
आपके अपने :-विकल्प गुप्ता ( एडवोकेट )
सोमिल पाहूजा ( युवा विचारक )