Search This Blog

Wednesday, 24 April 2013

आज हम इतने स्वार्थी हो गये हैं कि अपनी खुशी के लिये किसी भी तक गिर सकते हैं जिन्होंने हमको हर पल खुशी दी, सहारा दिया !
एक दिन हम उनको ही तन्हा और दुखी कर देते हैं ! 
सोचो कैसा लगता होगा उस रहनुमा को ??

No comments:

Post a Comment