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Sunday, 18 August 2013

कर्मठ, योग्य युवाओं को देश हित के सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना अतिआवश्यक है ! क्योंकि यदि स्थिति इसी प्रकार बनी रही तो हमारे देश को फिर से एक बार गुलाम होना पड़ेगा !!
जय हिन्द
क्या ये ड्यूटी है ?? 
न्यायालयों में कुछ पुलिसकर्मी मात्र कैदियों के लिये हथकड़ी, रस्सी आदि समान रोजाना सुबह लाते हैं ! शाम को वापस अपने साथ ले जाते हैं ! बाकी पूरे समय वो विश्राम करते हैं !!