कब तक बिना गलती के इतनी बड़ी सजा सहती रहेंगी बेटियाँ !
अपने दर्द को अब किसको बतायें बेटियाँ !
हैवानों का शिकार हो रही हैं बेटियाँ !
फिर भी मर्यादा की लाच बचा रही हैं बेटियाँ !!
अपने दर्द को अब किसको बतायें बेटियाँ !
हैवानों का शिकार हो रही हैं बेटियाँ !
फिर भी मर्यादा की लाच बचा रही हैं बेटियाँ !!