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Tuesday, 25 June 2013

क्या आज अधिकतर व्यक्ति अधिकारी इसलिये बनते हैं कि वो गरीब व मासूम जनता को अपने पद के डर से धमका कर उनकी बेबसी के साथ खेल सकें ? 
कितना बदल गया हमारा समाज जहाँ अपनत्व व मानवता एक दम नष्ट हो चुकी है !!
आज अधिकतर पढ़े लिखे अमीर लोग कम पढ़े लिखे गरीब लोगों का शोषण कर रहे हैं जो कि बदलाव का प्रतीक है ! पहले योग्य व पढ़े लिखे व्यक्ति गरीब और अनपढ़ लोगों की हर सम्भव मदद करते थे ! कहाँ गुम हो गयी वो मानवता
आज हर ओर तबाही, खून-खराबा, हा-हाकार मचा हुआ है ! सोच कर देखो ये सब किस कारण हो रहा है क्योंकि आज इंसानियत मर चुकी है ! व्यक्ति स्वार्थी बन चुका है जो केवल अपने लिये जीता है! जय हिन्द
कुछ अधिकारी इतनी दानव प्रवृति के हैं कि उनको मानवता की भाषा समझ में नहीं आती है ! ऍसे भ्रष्ट अधिकारी अपने पद का दुरपयोग कर रहे हैं जो कि निंदनीय व देश की दुर्गति का प्रतीक हैं !